Ashutosh_Shukla

मिल जाती तुम मुझको तो मैं कवि ना बनता..

13 Posts

2562 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 17580 postid : 700753

बीते पल..

Posted On: 9 Feb, 2014 Others,कविता,Contest में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

मैने  कहा अधर अद्वितीय हैं आपके,

वो   बोले  सब तो नयनो की   प्रसंशा  करते हैं,

मैने  कहा हमने वो देखा जो सबने नही देखा,

वो बोले सब तो यही कहते हैं…..

मैने पूछा क्या आपको हम मे और सब मे

कोई फ़र्क नही नज़र आता?

बोले ये वो फ़र्क है जो ज़ुबान से नही बताया जाता,

ये वो भावना है जिसका है सिर्फ़ एहसास कराया जाता…

मैने कहा क्या मुझे भी होगा ये एहसास कभी?

फिर वो हुआ जिसकी मुझे उम्मीद तो थी ,

और मेरे मन मे इच्छा बन के दबी थी

पर हिम्मत ना हुई कभी…

कितना कोमल स्पर्श था उन अधरो का……..

ना भूला हू ना भूलूंगा कभी…….

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 2.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

1 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Essence के द्वारा
July 12, 2016

Aproeciatipn for this information is over 9000-thank you!


topic of the week



latest from jagran